मेरी माऀ

​गोद में सुलाकर सपने देखने की आज़ादी दी,

उन सपनौं कौ साकार करने की मुझको तू साहस दी,

भटक जाने पर मुझको तूने जीवन की सबक भी दी,

माऀ मेरी तू है मुझको मेरे जान से भी प्यारी।



सोते ,जागते, उठते ,बैठते हर पल बच्चों का ही सोचती,

अपने तबीयत की तुझे कभी ना ध्यान रहती,

अपनी खुशियों के ऊपर तूने हम बच्चों को रख दी,

माऀ मेरी तू है मुझको मेरे जान से भी प्यारी।



हमारे एक प्रशंसा से तू फुली ना समाती,

साढ़ी, गहनौं को तुझसे सुंदर रुप है मिलती,

दुनिया में सबसे सुंदर मुझको तू है दिखती,

माऀ मेरी तू है मुझको मेरे जान से भी प्यारी।



रेलगाड़ी से ज्यादा दिन में तू है भागती,

घड़ी के काऀटों जैसे काम में लगी रहती,

कहने को तो बहुत है पर कभी तुझसे ना कहपाती,

माऀ मेरी तू है मुझको मेरे जान से भी प्यारी।










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