सपना

आंख बंद कर हम देखे सपना
सपने में रुक जाए जीवन अपना
अच्छे सपने बहुत प्यारे लगे
फ्रूट याद करो सब खाली लगे
बुरे सपने बहुत डराए हमें
चैन की नींद को खा जाए चुटकी भर मैं
बच्चा बूढ़ा सब देखे सपना
चाहे यह सपना बन जाए मेरा अपना
बच्चे देखें खिलौनों की को बूढ़े देखे भगवानों को
युवान देखे पैसों को युवती देखे गहनों को
आंख खोलकर की भी देखो सपना
उस सपने को पूरा कर सार्थक बनाओ जीवन अपना
खोलो आंख भर उसमें सपना
चले हाथ पैर करने उस सपने को अपना
सपनों से बाण बनाओ अपना
फरवाही सपना श्रेष्ठ है जिसके धनुष का धागा है सुंदर रचना

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